फूल खिला भी, और जल्द ज़र्द हो गया।
धूप निकली भी पर मौसम सर्द हो गया।
जब-जब आये राहतों के हल्के से झोंके,
हर बार टीस उठी, नया एक दर्द हो गया।
धूप निकली भी पर मौसम सर्द हो गया।
जब-जब आये राहतों के हल्के से झोंके,
हर बार टीस उठी, नया एक दर्द हो गया।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-089