16.8.23

S-276 चार दिन में ही

चार दिन में ही वापस आ धमके मेरे तमाम ग़म, 
बड़ा शौक सा चरमराया था मुझे ख़ुश रहने का।

-वीरेन्द्र सिन्हा "अजनबी" S-276
 

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