28.9.22

M-039 कभी लफ्ज़ नहीं

कभी लफ्ज़ नहीं मिलते, 
कभी ज़ुबाँ नहीं खुलती।
ख़ामोश सी मुहब्बत की,
ऐसी मिसाल नहीं मिलती।

-वीरेन्द्र सिन्हा "अजनबी" M-039

22.9.22

P-139 वो दिल पे कब्ज़ा

मेरे दिल पे कब्ज़ा करके बैठे हैं वो किराएदार की तराह, 
लाख कोशिशें कर लीं मैंने, दिल से निकलते ही नहीं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-139

21.9.22

P-138 इंसान जब जो चाहे

इंसान जो चाहे, जैसा चाहे, वो करता है,
बाद में भगवान को, दुनिया को कोसता है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-138

S-173 उसे खो दिया

उसे खो दिया हमने, इसका यकीन हो नहीं रहा,
कसमे-वफ़ा खाके भी वो बा-वफ़ा क्यों नहीं रहा।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-173

20.9.22

S-172 ग़मों से दूर

ग़मों से दूर, शाद-ओ-आबाद रहे तू ऐ दोस्त,
मेरा क्या, तुझे सोचकर ही मसरूर  रह लूंगा।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-172

18.9.22

S-171 आज आखिर

आखिर हो गए कुछ अजीब से खुलासे,
आज जब खुदको देखा किसी और की निगाह से।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  S-171

16.9.22

Q-075 अकेला नहीं मैं,

अकेला नहीं मैं,मेरा साया मेरे साथ है,
बेसहारा नहीं मैं, ख़ुदा का मुझपे हाथ है,
कोई बेवफ़ा होता है जुदा, तो हो जाए,
कोई हो न हो, मेरी तन्हाई मेरे साथ है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-075

S-170 नाज़ुक फूल

नाज़ुक फूल होने में कैसा फख्र,
कांटें अच्छे जो टूटके मुरझाते नहीं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-170

S-169 लम्हा-लम्हा तन्हा

लम्हा-लम्हा तन्हा-तन्हा होता जा रहा हूँ मैं,
ये रिश्ते एक ही झटके में टूट क्यों नहीं जाते।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-169

12.9.22

P-137 तुम क्या कहते

तुम क्या कहते हो दुनियाँ जहान के बारे में, 
पहले जानो लोग क्या कहते हैं तुम्हारे बारे में।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-137

S-168 किस्मत की मुझ पर

 किस्मत की मुझ पर मेहरबानियां बहुत हैं,
तू नहीं मेरे पास पर तेरी निशानियां बहुत हैं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-168

5.9.22

S-167 शम्मा को भी

शम्मा को भी दिल मे न इतनी जगाह दे,
बस रात को जला दे, सुबह को बुझा दे।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-167

4.9.22

P-136 भला और कैसे

भला और कैसे क्या बदल लें हम,
जो बुरों को भी अच्छे लगने लगें हम।

-वीरेन्द्र सिन्हा "अजनबी" P-136

K-007 सूरज को मैं

सूरज को मैं समेट लूं, अपने ही आँगन में, चाँद की रौशनी भर लूं अपने ही दामन में। पर्वतों को ध्वस्त कर दूं, जंगल काट डालूँ, मौसम बदल कर 'सू...