अकेला नहीं मैं,मेरा साया मेरे साथ है,
बेसहारा नहीं मैं, ख़ुदा का मुझपे हाथ है,
बेसहारा नहीं मैं, ख़ुदा का मुझपे हाथ है,
कोई बेवफ़ा होता है जुदा, तो हो जाए,
कोई हो न हो, मेरी तन्हाई मेरे साथ है।
कोई हो न हो, मेरी तन्हाई मेरे साथ है।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-075
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