इस दुनियां से मुंह मोड़ सकता हूँ,
जन्नत की मन्नत छोड़ सकता हूँ,
जुड़ गया है जो मुझसे तेरा रिश्ता,
उसको भला मैं कैसे तोड़ सकता हूँ।
जन्नत की मन्नत छोड़ सकता हूँ,
जुड़ गया है जो मुझसे तेरा रिश्ता,
उसको भला मैं कैसे तोड़ सकता हूँ।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-193
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