23.5.24

Q-196 जबसे हम उनकी दीद

जबसे हम उनकी दीद के तलबगार हो गए,
वो किसी ख़ुशफ़हमी के शिकार हो गए,
हमने ग़लती से ज़रासा क्या चाह लिया उन्हें,
वो समझे वो हुस्न वालों में शुमार हो गए।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-196

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