अब, जब मै और तुम दोस्त रहे नहीं,
गिले-शिकवे तुमसे हमे कोई रहे नहीं,
तो अब मेरे ग़मज़दा शेरों पर न जाना,
ये औरों के लिए हैं, तुम्हारे लिऐ रहे नहीं।
गिले-शिकवे तुमसे हमे कोई रहे नहीं,
तो अब मेरे ग़मज़दा शेरों पर न जाना,
ये औरों के लिए हैं, तुम्हारे लिऐ रहे नहीं।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-189
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