23.5.24

Q-189 अब, जब मैं और तुम

अब, जब मै और तुम दोस्त रहे नहीं,
गिले-शिकवे तुमसे हमे कोई रहे नहीं,
तो अब मेरे ग़मज़दा शेरों पर न जाना,
ये औरों के लिए हैं, तुम्हारे लिऐ रहे नहीं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-189

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