अपनी ज़िन्दगी में जीत कम, हार बहुत है,
हम क्या करें, हमको तुमसे प्यार बहुत है,
आओ ठंडे रिश्तों को ज़रा देदें गर्मजोशी,
हमे एहसासो-जज़्बात का बुख़ार बहुत है।
हम क्या करें, हमको तुमसे प्यार बहुत है,
आओ ठंडे रिश्तों को ज़रा देदें गर्मजोशी,
हमे एहसासो-जज़्बात का बुख़ार बहुत है।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-186
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