24.5.24

M-114 पवन पैग़ाम

पवन पैगाम पहुंचाए पल-पल,
प्यारे परदेसी प्रियतम तलक।
मै मंत्र-मुग्ध मुस्काऊँ मंदमंद,
मनमीत का मंगल आने तलक।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-114

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