24.5.24

M-100 इतनी मुफ्त सलाह

इतनी मुफ्त सलाह-मशविरे रोज़ मुझे मिल जाते हैं,
सोचता हूँ जहाँ में इंसानियत भाईचारा अभी बाकी है।
हर दिन सुबह-सुबह सोचकर फिक्र में मै पड़ जाता हूँ,
सारी दुनियां सुधर चुकी, बस मेरा ही सुधरना बाकी है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-100

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