मेरे पास ख़ुशियां ही ख़ुशियां शेष थीं,
हर्ज नहीं जो उनमे से कुछ आप ले गए।
मेरे पास दर्द भी हैं जो न दूंगा किसी को,
क्योंकि वो सौगात हैं जो आप दे गए।
हर्ज नहीं जो उनमे से कुछ आप ले गए।
मेरे पास दर्द भी हैं जो न दूंगा किसी को,
क्योंकि वो सौगात हैं जो आप दे गए।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-099
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