तेरे हमनामो, हमशक्लों से भी है उनसियत,
इस कदर तूने हमको दीवाना बना रक्खा है।
छुड़ाले दामन बेशक, उफ़्फ़ भी न करेंगे हम,
दिल को हमने कब से पत्थर बना रक्खा है।
इस कदर तूने हमको दीवाना बना रक्खा है।
छुड़ाले दामन बेशक, उफ़्फ़ भी न करेंगे हम,
दिल को हमने कब से पत्थर बना रक्खा है।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-159
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