26.2.24

T-035 बस एक ही शख्स

बस एक ही शख्स दुनियाँ से था अलग,
पर बेचारा वो भी कब तक रहता अलग, 
अब वो भी दुनियाँ में शामिल हो गया।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" T-035

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