26.2.24

P-236 काश, रिश्ते ख्वाबों

काश, रिश्ते ख्वाबों में ही रहा करते,
टूट जाने पर ख़ास ग़म न हुआ करते।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-236

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