13.2.24

S-305 कैसी भी ज़िन्दगी

कैसी भी ज़िन्दगी आसाँ लगने लगती है
जब उसका जीना बन जाए एक मजबूरी।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-305

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