11.2.24

Q-152 भला कौन रोक पाए है

भला कौन रोक पाया है परिंदों एक ही जगह,
पंख हैं तो उड़ेंगे ही एक जगह से दूसरी जगह,
कोई आसमाँ कर रहा होता है इंतज़ार उनका,
कैदे-कफ़स में भी फड़फड़ाएंगे अपनी जगह।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-152

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