जो ज़्यादा ही चीख़ते और चिल्लाते हैं,
आज वही बेगुनाह मान लिए जाते हैं।
मगर यह भी हक़ीक़त है "अजनबी",
सिर्फ़ ख़ामोश ही दफ़्न किए जाते हैं।
आज वही बेगुनाह मान लिए जाते हैं।
मगर यह भी हक़ीक़त है "अजनबी",
सिर्फ़ ख़ामोश ही दफ़्न किए जाते हैं।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-154
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