नीले आसमान से उगता सा गुलाबी चेहरा,
चेहरे पर अंकित होतीं हल्की सी ललिमाएँ।
आकार ले रही उसकी एक तस्वीर ज़हन में,
आच्छादित हों जब केशों की काली घटाएं।
चेहरे पर अंकित होतीं हल्की सी ललिमाएँ।
आकार ले रही उसकी एक तस्वीर ज़हन में,
आच्छादित हों जब केशों की काली घटाएं।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-084
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