16.2.24

S-307 चीख़ने चिल्लाने

चीख़ने चिल्लाने से कोई बेगुनाह नहीं हो जाता।
कोसने से कोई मुख़ालिब फ़नाह नहीं हो जाता।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-307

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