वीराने ही वीराने पसरे थे जहां,
अब बहारों का आलम है वहां,
ऐसा कौन आगया चमन मे कि,
रंगीं नज़ारों का आलम है यहां।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-126
अब बहारों का आलम है वहां,
ऐसा कौन आगया चमन मे कि,
रंगीं नज़ारों का आलम है यहां।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-126
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