झुलसाती गर्मी में अगर थोड़ी बरसात हो,
दर्द भरी इस तन्हाई में अगर तेरा साथ हो,
ज़ुबां से काम लेने की फिर क्या ज़रूरत,
आँखों ही आँखों में जब दिल की बात हो।
दर्द भरी इस तन्हाई में अगर तेरा साथ हो,
ज़ुबां से काम लेने की फिर क्या ज़रूरत,
आँखों ही आँखों में जब दिल की बात हो।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-122
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