16.6.23

P-213 इंसाँ कठपुतली है

इंसाँ कठपुतली है अदृश्य शक्तियों की,
चल देता है वहां, डोरियाँ जहां घुमा देती हैं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-213

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