आज मुझे कुछ अलग अनुभूति हो रही है।
मेरे विचारों की दिशा परिवर्तित हो रही है।
निराशाओं में, आशाओं का हो रहा मिश्रण,
भावों में आशावादिता, प्रस्फुटित हो रही है।
मेरे विचारों की दिशा परिवर्तित हो रही है।
निराशाओं में, आशाओं का हो रहा मिश्रण,
भावों में आशावादिता, प्रस्फुटित हो रही है।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-064
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