17.6.23

S-271 मेरे ग़मों को ना

मेरे ग़मों को ना कुरेदो, बचा खुचा होंसला भी हवा हो जायगा,
मेरी बर्बादियों का वाईस न पूछो, मेरा दोस्त रुसवा हो जायगा।

 -वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-271

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