10.4.23

S-255 अब न रही कोई

अब न रही कोई शिकायत बाकी, न कोई शिकवा ही रहा,
सब ख़ुद-बख़ुद दूर हो गए, जबसे तूने मुझे अजनबी कहा।
 
 -वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-255

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