3.4.23

S-249 जाने कैसी है ये

जाने कैसी है कशिश,चाह कर भी मैं दूर हो नहीं सकता।
चला आता हूँ फिर वहीं, मुझसा कोई मजबूर हो नहीं सकता।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-249

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