11.4.23

M-058 दर्द,दर्द होता है

दर्द, दर्द होता है सिर्फ शुरू-शुरू में,
फिर वो दर्द ही हमदर्द बन जाता है।
वही अकेला साथ देता है तन्हाई में,
बाकी ज़माना तो बेदर्द बन जाता है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-058

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