11.4.23

M-059 कभी ख़ुशियों उदासियों की

कभी ख़ुशियों में उदासियों की झलक दिखाई देती है,
डबडबाई आँखों में हल्की मुस्कराहट दिखाई देती है,
अजीब नाकाबिले-बयां कैफ़ियत हो जाती है दिल की, 
दिल में कभी रौशनी तो कभी तारीकी दिखाई देती है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-059

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