उसके जुदा होने से कुछ नहीं बदला,
वही तमन्ना वही आरज़ू वही जोश है।
फ़र्क़ इतना सा हो गया है "अजनबी"
इश्क़ के पहले ज़ुबाँ थी अब ख़ामोश है।
वही तमन्ना वही आरज़ू वही जोश है।
फ़र्क़ इतना सा हो गया है "अजनबी"
इश्क़ के पहले ज़ुबाँ थी अब ख़ामोश है।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-101
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