13.3.23

M-052 हम ही नहीं

हम ही नहीं जल रहे इश्क में अकेले, 
आप भी जल रहे हैं, कम या ज़्यादा।
आपको खोकर हाथ मलते रहे हम,
आप भी मल रहे हैं, कम या ज़्यादा।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-052

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