15.3.23

P-197 न ज़मीं धंस जाएगी

न तो ज़मीं धंस जाएगी, और ना आसमाँ झुक जाएगा,
जुदा होने से किसी के, काम किसका कहाँ रुक जाएगा।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-197

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