13.2.23

T-032 शिकायत तो

शिकायत तो ख़ुद ही से है,
ज़िंदगी से भला क्या होगी,
जैसी बनाई वैसी बन गई ज़िंदगी।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" T-032

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