28.2.23

S-235 अच्छे बुरे मौसम

अच्छे बुरे मौसम गुज़ारे जिस घोंसले में रह कर,

परिंदे छोड़ गए उसे सलाम आख़िरी  कह कर।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-235

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