28.2.23

P-193 वक़्त की मानिंद

वक़्त की मानिंद, इंसाँ भी बदलता है,
न वक़्त किसी का, न इंसाँ किसी का है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-193

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