3.2.23

Q-090 मुझे ग़म नहीं

मुझे ग़म नहीं अपने टूट जाने का,
सितारे भी कभी कभी टूट जाते हैं।
इतना परेशाँ क्यों है तू "अजनबी",
अपने भी कभी कभी रूठ जाते हैं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-090

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