11.2.23

P-187 ये तो मन का भ्रम

ये तो मन का भ्रम है कि रिश्ते टूट जाते हैं तोड़ देने से।
रिश्ते तो वो हैं, जो कभी टूटते नहीं दुनियाँ छोड़ देने से।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-187

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