14.12.22

Q-086 कितने सादा मिजाज़

कितने सादा मिजाज़ रहे हम,
तेरे नज़रिए को न समझे हम,
तल्खियों को अनदेखा किया,
खुद ही को दोष देते रहे हम।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-086

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