28.11.22

S-203 ख़ुदा की रहमत

ख़ुदा की रहमत पर एतबार कर,
हिज्र में भी वस्ल का इंतज़ार कर।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-203

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K-007 सूरज को मैं

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