29.11.22

S-204 सच है, सच्चा प्यार

सच  है, सच्चा प्यार करने वाले दुनियाँ में अभी रहे नहीं,
मगर सच्चे प्यार के मुस्तहैक भी दुनियाँ में कभी हुए नहीं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-204

No comments:

Post a Comment

K-007 सूरज को मैं

सूरज को मैं समेट लूं, अपने ही आँगन में, चाँद की रौशनी भर लूं अपने ही दामन में। पर्वतों को ध्वस्त कर दूं, जंगल काट डालूँ, मौसम बदल कर 'सू...