3.11.22

S-188 भले ही खटकता हूँ

भले ही मैं खटकता हूँ पर तेरी आँखों मे तो हूँ,
अब तेरे ख्वाबों में न सही, तेरी यादों में तो हूँ।   
  
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-188            

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