15.10.22

P-143 अभी के लिए तो

अभी के लिए तो,  इतने ही काफ़ी हैं ग़म,
मांग लूंगा तुमसे और, जब भी लगेंगे कम।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-143

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