16.10.22

Q-077 मालूम है लौटके

मालूम है लौटके नहीं आएगा वक़्त,
बहुत है बेमुरव्वत और बेवफ़ा वक़्त,
मगर वो इतना भी नहीं गया-गुज़रा,
जो ज़ख्मों को न भर पाएगा वक़्त।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-077

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