3.7.22

T-022 बिन कसूर ही

बिन कसूर ही कसूरवार ठहराया गया हूं मैं,
गर सच में कोई कसूर करूं तो उसको पकड़ना, 
जिसके द्वारा बारबार उकसाया गया हूँ मैं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" T-022

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K-007 सूरज को मैं

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