3.7.22

P-123 देखना बस ये है

देखना बस ये है किसको कितनी मोहलत मिलती है, 
वरना क़र्ज़ तो यहां हर किसी को चुकाना पड़ता है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-123

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