6.6.22

S-142 कट गए हैं पंख

कट गए हैं पंख मेरे,  मगर मैं मोहताज नहीं, 
चल तो सकता हूँ, क्या हुआ जो परवाज़ नहीं।

- वीरेंद्र सिन्हा “अजनबी“ S-142

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K-007 सूरज को मैं

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