7.6.22

M-036 हक़ीक़तों में और

हक़ीक़तों में और जी नहीं सकते,
ख़्वाबों में हमेशा रह नहीं सकते,
धरती छोड़के जाएं तो जाएं कहाँ,
आकाश में बसेरा कर नहीं सकते।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-036

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