2.6.22

S-137 ये ख़ुशफ़हमी न

ये ख़ुशफहमी न पाल लेना, तुम्हारी आरज़ू है।
हमे तो महज़ तजुर्बों में इज़ाफ़े की जुस्तजू है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-137

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K-007 सूरज को मैं

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