2.6.22

Q-067 जानते हो दिल

जानते हो दिल समझेगा नहीं,
फिर उसको समझाते क्यों हो।
भूल चुके हो तुम मुझको,
बार बार ये उसे रटवाते क्यों हो।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-067

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