10.5.22

S-126 इश्क़ में सिर्फ़ उतनी ही

इश्क़ में सिर्फ़ उतनी ही गुज़री है ज़िन्दगी अच्छी,
जितनी कि ग़लत फ़हमियों में गुज़ार दी हमने।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-126

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