9.5.22

Q-063 कौन करवाएगा चुप

कौन करवाएगा चुप, अब मुझको,
मैंने तो ख़ुद को ही ख़ुद रुलाया है।
तुमने दे दिए, तो तुम ही मिटाओगे,
ज़ख्मों को आसरा, अब तुम्हारा है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-063

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